नवंबर 13, 2008

अनुराग सजे

मुस्कानों को साथ लिए, जीवन की हर साँस सजे।

खुशियों की बारात लिए, जीवन की हर रात सजे

छटे रैन अंधियारी हर पल, निशदिन नव प्रभात सजे।

सफलता का हार लिए, हर हरो में भी जीत सजे।

दूर रहो तुम चाहे जितना, उतना ही ये प्यार सजे।

तुम जियो लाख बरस पर, जीवन के पल शतबार सजे।

मेरे स्नेहो का साथ लिए, तुम्हारे ह्रदय में बस अनुराग सजे।


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