दिन, हफ्ते, महीने कुछ यूँ जवाँ हुए,
ज्यूँ, बाद इबादत के खुदा से रु-बरु हुए!
हमसफ़र, ये दौर ए मुहब्बत यूँ ही चलता रहे,
आने वाला हर पल नया साल बनके आता रहे.......
ज्यूँ, बाद इबादत के खुदा से रु-बरु हुए!
हमसफ़र, ये दौर ए मुहब्बत यूँ ही चलता रहे,
आने वाला हर पल नया साल बनके आता रहे.......
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